अटूट हाथ: एक सैनिक की त्रासदी से उद्देश्य तक
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इन सशकत ससमरण म, सवनवतत सन सरजट जनसन शरल पठक क लचलपन, सहस और अटट दढ सकलप क एक अवसमरणय यतर पर ल जत ह। बइबल बलट म अपन वनमर आरभ स लकर उस वनशकर वसफट तक जसन उनक जवन हमश क लए बदल दय, जनसन शरल क कहन अइमय मनवय आतम क परमण ह।
सनय सव क दरन एक दखद दरघटन म दन हथ खन क बद, जनसन शरल न ऐस चनतपरण सघष क समन कय ज असभव परतत हत थ। लकन अपन असधरण सहस और अपन परयजन क सहयग स, उनहन अपन चट क सवय क पहचन पर हब हन दन स इनकर कर दय। इसक बजय, उनहन उपचर, मकत और जवन क नवनकत उददशय क एक उललखनय यतर पररभ क।
इस पसतक म आप सखग
- जवन बदल...


