21 Dalit Kahaniyan (21 दलित कहानियां)
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'प्रेमचंद की 21 दलित कहानियाँ' भारतीय साहित्य के उस महत्त्वपूर्ण खंड को उजागर करती हैं, जहाँ महान कथाकार प्रेमचंद ने पहली बार परानुभूति की शक्ति से समाज के सबसे वंचित और शोषित वर्ग के जीवन को केंद्र में रखा। यह संकलन उस समय की गवाही देता है जब दलित-विमर्श एक संगठित आंदोलन नहीं था, लेकिन प्रेमचंद ने स्वामी विवेकानंद और महात्मा गांधी के मानवतावादी विचारों से प्रेरित होकर, सामाजिक न्याय के प्रश्न को राष्ट्रीय चेतना से जोड़ा।
यह संग्रह केवल 21 कहानियों का संकलन नहीं, बल्कि जातिगत क्रूरता, दमन और...
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