कोहिनूर: 'रोशनी के पहाड़' की अदृश्य सिसकियाँ
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कोहिनूर 'रोशनी के पहाड़' की अदृश्य सिसकियाँ और सदियों का प्रतिशोध
यह कोई साधारण इतिहास की किताब नहीं है, बल्कि उस 'रक्त-रंजित' रत्न का काला चिट्ठा है जिसने दुनिया के सबसे शक्तिशाली साम्राज्यों को मिट्टी में मिला दिया। सोढा इकबाल कासम ने उन तथ्यों को सामने रखा है जिन्हें आज तक 'संयोग' कहकर झुठलाया जाता रहा।
मुगल साम्राज्य की बर्बादी का गवाह
गोलकुंडा की खदान से निकलते ही इस हीरे ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया था। इस किताब में विस्तार से बताया गया है कि कैसे इस एक हीरे के लिए बाप ने बेटे को कैद ...






















